जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने परलकोट जलाशय मरम्मत कार्य का किया भूमिपूजन, 22 करोड़ रूपए की लागत के दो कार्यों की घोषणा, जलाशय की मरम्मत से क्षेत्र के 9 हजार हेक्टेयर में होगा सिंचाई सुविधा का विस्तार


 

आईएनसी 24 मीडिया छत्तीसगढ़। नरहरपुर कांकेर रिपोर्टर - मन्नूराम साहू की रिपोर्ट : -


कांकेर। प्रदेश के जल संसाधन, संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज जिले के पखांजूर क्षेत्र में स्थित परलकोट जलाशय के 30 करोड़ 94 लाख रूपए की लागत से आर.बी.सी. एवं एल.बी.सी. गेट की मरम्मत तथा आरबीसी. नहर आर.डी. 14 किलोमीटर तक लाइनिंग कार्य एवं ट्रफ निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेण्डी मौजूद थे।


इस दौरान जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने लगभग 22 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होने वाले दो निर्माण कार्यों की घोषणा की। इनमें लगभग 07 करोड़ रूपए की लागत से बारदा आश्रम एनीकट निर्माण और परलकोट जलाशय की बायीं तट पर मुख्य नहर निर्माण हेतु 15 करोड़ रूपए की लागत से निर्माण कार्य शामिल हैं। पखांजूर के परलकोट जलाशय क्षेत्र में आयोजित भूमिपूजन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह क्षेत्र कृषि व उत्पादन के मामले में बहुत उन्नत है।


स्थानीय लोगों की प्रेरणा से अन्य कृषक नवाचार सीखते हैं, चाहे मछली पालन हो, मक्का या धान उत्पादन हो। श्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य का लगभग 37 से 40 प्रतिशत मछली का उत्पादन इसी क्षेत्र से होता है। इसका ज्वलंत उदाहरण है कि जिले को मत्स्यपालन के क्षेत्र में कल 21 नवम्बर को देश में ‘बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड’ से नवाजा गया है। केबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में एकीकृत खेती के अलावा बत्तख पालन, मछली पालन, सूअर पालन, बकरा पालन, मुर्गा पालन, दुग्ध उत्पादन आदि के लिए उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जाता है।


इन व्यवसायों को बढ़ावा देने पूरे प्रदेश में 500 दुग्ध उत्पादन केन्द्र और 500 फिश हेचरी के लिए सहकारी (कोऑपरेटिव) समिति इसी वर्ष गठित की जानी है और इसके लिए सबसे बेहतर व अनुकूल क्षेत्र कापसी, बांदे, पखांजूर का क्षेत्र है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि परलकोट नहर में निर्माण हेतु जलाशय के बायीं तट की मुख्य नहर में 10 किलोमीटर लाइनिंग कार्य हेतु लगभग 15 करोड़ रूपये का बजट प्रावधानित किया जिससे कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था हो सके। इसके अलावा बारदा आश्रम एनीकट निर्माण कार्य के लिए 07 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेण्डी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि परलकोट क्षेत्र की पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है।


जिसका लाभ आने वाले समय में अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने विकास का संकल्प लिया है, वह पूरा हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में मंचस्थ अतिथियों ने हल्बा जनजाति नामक पुस्तिका का विमोचन किया। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप द्वारा आज परलकोट जलाशय के आरबीसी गेट की मरम्मत, आरबीसी नहर की दायीं तक के आरडी शून्य से 14 किलोमीटर तक लाइनिंग कार्य और ट्रफ निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया, जिसकी कुल लागत 30.94 करोड़ रूपए है। उक्त जलाशय से वर्तमान में 5400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, जबकि उक्त निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने से 9000 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


इस प्रकार मरम्मत कार्य पूर्ण हो जाने के 3600 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि होगी, जिससे पखांजूर क्षेत्र के 67 ग्रामों में निवासरत 15 हजार से अधिक किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। भूमिपूजन समारोह में नगर पंचायत पखांजूर की अध्यक्ष मोनिका साहा, डीएफओ  हेमचंद पहारे, एसडीएम अंजोर सिंह पैकरा, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता धर्मेन्द्र मेश्राम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण सहित काफी संख्या में क्षेत्र के नागरिक उपस्थित थे।







Post a Comment

Please Do Not Enter Any Spam Link In The Comment Box.

Previous Post Next Post