भगवान श्रीकृष्णा ने ब्रजवासियो को बचाने गोवर्धन पर्वत को अपने ऊँगली से उठाया था, अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजन के अवसर पर गोवंश की कि जाती हैं पूजा...!!


 

आईएनसी 24 मीडिया छत्तीसगढ़। नरहरपुर कांकेर रिपोर्टर - मन्नूराम साहू की रिपोर्ट : -


कांकेर। दीपावली के अगले दिन अर्थात कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकम तिथि पर गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। ऐतिहासिक स्त्रोतों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने वर्षा के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाते हुए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली में उठाया था।


इसी तिथि पर (गोवर्धन पर्वत उठाने के सातवें दिन) भगवान श्रीकृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत को पुन: भूमि पर रखा और प्रत्येक वर्ष गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी. ततपश्चात यह उत्सव 'अन्नकूट' के नाम से मनाया जाता हैं। अन्नकूट एवं गोवर्धन पूजन के अवसर पर गौवंश की पूजा की गई एवं भगवान को विविध प्रकार के व्यंजनों एवं पकवानों का भोग लगाया गया .तथा यादव समाज द्वारा खिचड़ी प्रसाद के रूप में वितरण किया गया।




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