विधायक करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल ग्रामीण इलाकों में गहराया पेयजल संकट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही पर तीखा रुख


 

आईएनसी 24 मीडिया छत्तीसगढ़। जगदलपुर बस्तर रिपोर्टर - भुवनेश्वर कश्यप की रिपोर्ट : -


छत्तीसगढ़। बस्तर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनदेखी, उदासीनता, लापरवाही एवं ढुलमुल प्रशासनिक कार्यशैली के कारण बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण पेयजल संकट गहराता जा रहा है क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों में भारी अनियमितताएं, निर्माण कार्यों में गड़बड़ियाँ और गंभीर लापरवाही की शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है इस स्थिति को लेकर बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।


बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले विधायक बघेल 2 जुलाई 2025 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं उन्होंने स्पष्ट कहा है, कि यदि शासन और संबंधित विभाग ने अब भी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह आंदोलन जन आंदोलन का रूप लेगा। विधायक बघेल ने बताया कि उन्होंने राज्य स्तर से लेकर विभागीय अधिकारियों तक लगातार पत्राचार कर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया है सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं की गई उन्होंने कहा कि विभाग की निष्क्रियता और उदासीन रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है।


जलजीवन मिशन में लापरवाही, सूखा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र प्यासा, ग्रामीण अंचलों में जल संकट गहराता जा रहा है, बावजूद इसके विभाग द्वारा बार-बार अवगत कराए जाने के बाद भी बोर खनन जैसी आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल-जल पहुंचाने का जो वादा सरकार ने किया था, वह अब धरातल पर अधूरा और केवल कागजों तक सीमित नज़र आ रहा है विशेषकर सूखा प्रभावित क्षेत्रों में, जहां पानी की व्यवस्था सर्वाधिक जरूरी है, वहां भी जल स्रोत स्थापित न करना अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक है इससे न केवल ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि स्वास्थ्य और आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।


विधायक बघेल ने चेताया कि अगर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप धारण करेगा उन्होंने कहा "मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूँ कि यदि समय रहते पेयजल संकट का निराकरण नहीं हुआ तो मुझे आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा अब विभाग की बेरुखी को देखते हुए, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा है। यह भूख हड़ताल जनहित में एक निर्णायक कदम होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की होगी बस्तर की जनता के मौलिक अधिकार शुद्ध पेयजल के लिए यह संघर्ष अब रुकने वाला नहीं है।







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