71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, नया जीवन जीने का मिला मौका


 

आईएनसी 24 मीडिया छत्तीसगढ़। कोंटा तहसील संवाददाता - अशोक सोरी की रिपोर्ट : -


छत्तीसगढ़। दन्तेवाड़ा, बस्तर संभाग में चलाये जा रहे आत्मसमर्पण तथपुनर्वास-पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान तथा दन्तेवाड़ा जिले में चलाये जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान से प्रभावित होकर कुल 64 लाख के 30 ईनामी माओवादियों सहित 71 माओवादियों ने (जिसमें 21 महिला तथा 50 पुरुष शामिल है) जो आत्मसमर्पण किया गया है।


आत्मसमर्पित माओवादी बामन मड़काम (08 लाख रूपये ईनाम) वर्ष 2011 में ग्राम दमपाया, 2012 में मटलाचेरू, 2014 में दुगईगुड़ा, 2021 में अम्बेली, 2022 में वेलगाड़रम एवं 2024 में ग्राम गुण्डम के जंगल में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल था।


आत्मसमर्पित महिला माओवादी शमिला उर्फ सोमली कवासी (05 लाख रूपये ईनाम) वर्ष 2023 में भैरमगढ़ ओरछापारा में मोबाईल टावर को आगजनी एवं वर्ष 2024 में ग्राम बोड़गा में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में थी शामिल, आत्मसमर्पित महिला माओवादी गंगी उर्फ रोहनी बारसे (05 लाख रूपये ईनाम) वर्ष 2024 में भामरागढ़ एरिया कमेटी अन्तर्गत ग्राम परादी में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल थी।


आत्मसमर्पित महिला माओवादी देवे उर्फ कविता माड़वी (05 लाख रूपये ईनाम) वर्ष 2024 में दक्षिण बस्तर डिवीजन के ग्राम जिरम में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में थी शामिल, आत्मसमर्पित माओवादी जोगा मड़काम (02 लाख रूपये ईनाम) वर्ष 2018 में ग्राम मार्जूम एवं वर्ष 2021 में ग्राम गोगुण्डा डुंगीनपारा के जंगल में हुये पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल था।


अन्य आत्मसर्पित माओवादी अपने-अपने क्षेत्र में नक्सली बंद सप्ताह के दौरान रोड खोदना, पेड़ काटना, नक्सली बैनर, पोस्टर एवं पाम्प्लेट लगाने जैसी घटनाओं में शामिल रहे। दन्तेवाड़ा पुलिस के द्वारा चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘पूना मारगेम’’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है।


इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, माओवादी संगठनों के भीतर आंतरिक मदभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों सेे तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके 30 ईनामी माओवादी सहित 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत दिनांक 24.09.2025 को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना विश्वास जाहिर करते हुए समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए ईच्छा जाहिर की जिसका स्वागत किया गया।





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